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TSH (थायरॉइड) टेस्ट क्या होता है?

TSH टेस्ट खून में थायरॉइड स्टिमुलेटिंग हार्मोन के स्तर को मापने के लिए किया जाता है। यह हार्मोन दिमाग में मौजूद पिट्यूटरी ग्रंथि द्वारा बनता है और थायरॉइड को संकेत भेजता है। इस जांच की मदद से डॉक्टर यह समझने की कोशिश करते हैं कि आपकी थायरॉइड ग्रंथि सही तालमेल में काम कर रही है या नहीं।

यह टेस्ट क्या मापता है?

यह टेस्ट मापता है कि आपके खून में TSH की कितनी मात्रा मौजूद है। TSH आपके थायरॉइड को जरूरी हार्मोन बनाने के लिए प्रेरित करता है। इन हार्मोनों का स्तर शरीर में ऊर्जा के इस्तेमाल और मेटाबॉलिज्म की गति को संतुलित रखने में मदद करता है।

सामान्य रेंज

0.4–4.0 mIU/L (adults) [ATA, 2014]

स्रोत (Source): [ATA, 2014]

हर लैब की रेंज थोड़ी अलग हो सकती है — आपकी रिपोर्ट पर छपी रेंज ही आप पर लागू होती है।

स्तर कम होने का क्या मतलब है?

यदि रिपोर्ट में TSH का स्तर कम आता है, तो डॉक्टर यह विचार कर सकते हैं कि क्या थायरॉइड ग्रंथि जरूरत से ज्यादा सक्रिय है, जिसे हाइपरथायरायडिज्म कहा जाता है। इसके अलावा, डॉक्टर पिट्यूटरी ग्रंथि के कार्य या अन्य शारीरिक कारकों को समझने के लिए अतिरिक्त जांच की सलाह दे सकते हैं।

स्तर अधिक होने का क्या मतलब है?

TSH का स्तर अधिक होने पर डॉक्टर यह देख सकते हैं कि क्या थायरॉइड ग्रंथि सुस्त है और पर्याप्त हार्मोन नहीं बना पा रही है, जिसे हाइपोथायरायडिज्म कहा जाता है। सही स्थिति को समझने के लिए डॉक्टर आपकी सेहत, लक्षणों और अन्य जरूरी ब्लड टेस्ट की रिपोर्ट का एक साथ मूल्यांकन करते हैं।

इस टेस्ट की पूरी जानकारी अंग्रेज़ी में: TSH (English)

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