CRP टेस्ट क्या है और इसकी नॉर्मल रेंज कितनी होनी चाहिए?
CRP यानी सी-रिएक्टिव प्रोटीन एक ऐसा ब्लड टेस्ट है, जो शरीर में किसी भी प्रकार की सूजन (inflammation) या इन्फेक्शन का पता लगाने के लिए किया जाता है। जब शरीर में किसी चोट, बीमारी या संक्रमण के कारण समस्या होती है, तो लिवर खून में अधिक मात्रा में CRP छोड़ने लगता है। डॉक्टर आमतौर पर यह जांच यह समझने के लिए लिखते हैं कि शरीर के भीतर कोई सक्रिय सूजन तो नहीं चल रही है।
यह टेस्ट क्या मापता है?
यह टेस्ट खून में मौजूद C-reactive protein के स्तर को मापता है। Conventional CRP assays के लिए इसका सामान्य स्तर <10 mg/L for conventional CRP assays [WHO, 2014] माना जाता है। स्वस्थ अवस्था में शरीर में यह प्रोटीन बेहद कम मात्रा में पाया जाता है, लेकिन किसी भी प्रकार के इन्फेक्शन या सूजन के प्रति शरीर की प्रतिक्रिया के रूप में इसका स्तर तेजी से ऊपर जा सकता है।
सामान्य रेंज
<10 mg/L for conventional CRP assays [WHO, 2014]
स्रोत (Source): [WHO, 2014]
हर लैब की रेंज थोड़ी अलग हो सकती है — आपकी रिपोर्ट पर छपी रेंज ही आप पर लागू होती है।
स्तर कम होने का क्या मतलब है?
यदि आपकी रिपोर्ट में CRP का स्तर कम या सामान्य सीमा के भीतर आता है, तो डॉक्टर इसे इस बात का संकेत मानते हैं कि वर्तमान में शरीर में कोई तीव्र या गंभीर सूजन (acute inflammation) नहीं है। हालांकि, यह किसी भी बीमारी को पूरी तरह खारिज नहीं करता, इसलिए डॉक्टर आपके शारीरिक लक्षणों और अन्य जांचों के आधार पर ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचते हैं।
स्तर अधिक होने का क्या मतलब है?
CRP का स्तर बढ़ा हुआ आने पर डॉक्टर यह विचार करते हैं कि शरीर में कोई बैक्टीरियल या वायरल इन्फेक्शन, चोट, ऑटोइम्यून समस्या या अंदरूनी सूजन मौजूद हो सकती है [WHO, 2014]। चूंकि यह टेस्ट सूजन की मौजूदगी तो बताता है लेकिन उसकी सटीक जगह या कारण नहीं दर्शाता, इसलिए डॉक्टर बढ़े हुए स्तर की वजह जानने के लिए कुछ अन्य विस्तृत जांचों की सलाह दे सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- CRP टेस्ट खाली पेट करवाना पड़ता है क्या?
- आमतौर पर रूटीन CRP टेस्ट के लिए खाली पेट रहने की आवश्यकता नहीं होती है। हालांकि, यदि आपके डॉक्टर ने CRP के साथ अन्य टेस्ट भी लिखे हैं, तो लैब के निर्देशों का पालन करना बेहतर रहता है।
- CRP बढ़ जाए तो क्या कोई गंभीर बीमारी होती है?
- CRP का स्तर बढ़ना केवल यह दर्शाता है कि शरीर में कहीं सूजन या इन्फेक्शन है [WHO, 2014]। यह सामान्य मौसमी संक्रमण या हल्की चोट की वजह से भी बढ़ सकता है, इसलिए हाई लेवल का मतलब सीधे कोई गंभीर बीमारी नहीं होता।
- CRP टेस्ट की नॉर्मल रेंज कितनी होती है?
- इसकी सामान्य सीमा <10 mg/L for conventional CRP assays [WHO, 2014] मानी जाती है। अलग-अलग लैब्स की तकनीकों के आधार पर इस रेंज में थोड़ा-बहुत अंतर दिख सकता है, इसलिए हमेशा अपनी लैब रिपोर्ट के रेफरेंस कॉलम को देखना चाहिए।
- बुखार में CRP लेवल क्यों बढ़ जाता है?
- बुखार के दौरान शरीर का इम्यून सिस्टम इन्फेक्शन फैलाने वाले तत्वों से लड़ रहा होता है। इस प्रतिक्रिया के चलते लिवर अधिक मात्रा में यह प्रोटीन बनाने लगता है, जिससे बुखार की स्थिति में CRP अक्सर बढ़ा हुआ आता है।
- CRP टेस्ट की रिपोर्ट आने में कितना समय लगता है?
- अधिकतर डायग्नोस्टिक लैब्स में CRP टेस्ट का परिणाम उसी दिन, आमतौर पर 4 से 6 घंटे के भीतर मिल जाता है। कई लैब्स में यह रिपोर्ट उसी दिन ऑनलाइन भी उपलब्ध करा दी जाती है।
इस टेस्ट की पूरी जानकारी अंग्रेज़ी में: CRP (English)
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