ब्लड Calcium टेस्ट क्या है और इसकी नॉर्मल रेंज कितनी होनी चाहिए?
Calcium टेस्ट यह जांचता है कि आपके खून में कैल्शियम की मात्रा कितनी है। हमारे शरीर में हड्डियों की मजबूती, मांसपेशियों की हलचल और नसों के ठीक से काम करने के लिए कैल्शियम आवश्यक होता है। वयस्कों में इसका सामान्य स्तर 8.5–10.5 mg/dL [Endocrine Society, 2015] के बीच माना जाता है।
यह टेस्ट क्या मापता है?
यह जांच मुख्य रूप से खून में मौजूद 'टोटल कैल्शियम' को मापती है। हमारे शरीर का लगभग सारा कैल्शियम हड्डियों और दांतों में सुरक्षित रहता है, जबकि बाकी का छोटा हिस्सा खून में Albumin प्रोटीन से जुड़ा या स्वतंत्र रूप में बहता है। इस जांच से डॉक्टर यह समझने की कोशिश करते हैं कि शरीर में मिनरल्स और हार्मोन्स का तालमेल सही तरीके से काम कर रहा है या नहीं।
सामान्य रेंज
8.5–10.5 mg/dL [Endocrine Society, 2015]
स्रोत (Source): [Endocrine Society, 2015]
हर लैब की रेंज थोड़ी अलग हो सकती है — आपकी रिपोर्ट पर छपी रेंज ही आप पर लागू होती है।
स्तर कम होने का क्या मतलब है?
यदि टेस्ट में कैल्शियम का स्तर 8.5 mg/dL [Endocrine Society, 2015] से नीचे आता है, तो डॉक्टर इसे हाइपोकैल्सीमिया की स्थिति के रूप में देखते हैं। इसके संभावित कारणों में शरीर में Vitamin D की कमी, पैराथायरायड ग्रंथि (Parathyroid gland) का कम सक्रिय होना, किडनी से संबंधित बदलाव या खून में प्रोटीन (Albumin) का कम स्तर शामिल हो सकते हैं, जिनका मूल्यांकन डॉक्टर आगे की जांचों के जरिए करते हैं।
स्तर अधिक होने का क्या मतलब है?
ब्लड टेस्ट में कैल्शियम का स्तर 10.5 mg/dL [Endocrine Society, 2015] से ऊपर आने पर डॉक्टर इसे हाइपरकैल्सीमिया के तहत जांचते हैं। डॉक्टर आमतौर पर इसके पीछे ओवरएक्टिव पैराथायरायड ग्रंथि (Hyperparathyroidism), शरीर में पानी की अत्यधिक कमी (Dehydration), या अन्य अंतर्निहित स्वास्थ्य कारणों का आकलन करते हैं और उसी आधार पर आगे का परामर्श देते हैं।
आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थ
पोषण विज्ञान के अनुसार, दूध, दही, पनीर, तिल, रागी और हरी पत्तेदार सब्जियां कैल्शियम के अच्छे स्रोत माने जाते हैं [Endocrine Society, 2015]। इसके साथ ही शरीर में कैल्शियम के सही अवशोषण के लिए पर्याप्त मात्रा में Vitamin D का होना भी जरूरी माना गया है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- खून में Calcium की नॉर्मल रेंज कितनी होनी चाहिए?
- वयस्कों के लिए ब्लड कैल्शियम का सामान्य स्तर 8.5–10.5 mg/dL [Endocrine Society, 2015] होता है। हालांकि, अलग-अलग लैबोरेटरी की तकनीकों के अनुसार इस सीमा में थोड़ा बहुत अंतर देखने को मिल सकता है।
- क्या Calcium टेस्ट के लिए खाली पेट जाना जरूरी है?
- आमतौर पर केवल कैल्शियम जांच के लिए खाली पेट (fasting) रहने की आवश्यकता नहीं होती है। लेकिन यदि डॉक्टर ने इसके साथ अन्य जांचें जैसे लिपिड प्रोफाइल या ब्लड शुगर भी लिखी हैं, तो वे फास्टिंग की सलाह दे सकते हैं।
- कैल्शियम कम होने पर क्या लक्षण महसूस हो सकते हैं?
- कैल्शियम का स्तर कम होने पर मांसपेशियों में ऐंठन, उंगलियों या होठों के आसपास सुन्नपन या झनझनाहट महसूस हो सकती है। ऐसे लक्षण दिखने पर डॉक्टर से परामर्श करना उचित रहता है।
- Calcium और Vitamin D टेस्ट एक साथ क्यों करवाए जाते हैं?
- शरीर भोजन से कैल्शियम तभी ठीक से सोख पाता है जब उसमें पर्याप्त Vitamin D मौजूद हो। इसलिए यदि कैल्शियम का संतुलन बिगड़ा हुआ दिखता है, तो डॉक्टर अक्सर दोनों टेस्ट साथ करवाने की सलाह देते हैं।
- रिपोर्ट में Calcium असामान्य आए तो क्या करना चाहिए?
- रिपोर्ट में स्तर कम या ज्यादा आने पर बिना डॉक्टर की सलाह के खुद से कोई भी सप्लीमेंट शुरू नहीं करना चाहिए। अपनी रिपोर्ट चिकित्सक को दिखाएं ताकि वे सही कारण का पता लगाकर उचित मार्गदर्शन कर सकें।
इस टेस्ट की पूरी जानकारी अंग्रेज़ी में: Calcium (English)
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